February 4, 2026

छत्तीसगढ़ के किसानों के चेहरे पर लौटी मुस्कानमुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा फैसला – धान खरीदी की तारीख बढ़ी, अब 5 और 6 फरवरी को भी खुले रहेंगे केंद्र

खबर शेयर करें

छत्तीसगढ़ के अन्नदाता किसानों के लिए राज्य सरकार ने एक बार फिर राहत और सम्मान का संदेश दिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किसानों की पीड़ा, परेशानी और मांग को गंभीरता से समझते हुए धान खरीदी की अवधि में दो दिवस की वृद्धि का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब प्रदेश के पंजीकृत किसान 5 और 6 फरवरी को भी अपने धान को शासकीय उपार्जन केंद्रों में बेच सकेंगे। इस फैसले से उन हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, जो किसी कारणवश तय समय-सीमा में धान नहीं बेच पाए थे।

मुख्यमंत्री के इस संवेदनशील निर्णय से पूरे प्रदेश में उत्साह का माहौल है। खेतों में पसीना बहाने वाले किसानों के लिए यह फैसला संजीवनी समान माना जा रहा है। सरकार के इस कदम ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य की प्राथमिकताओं में किसान सर्वोपरि हैं।

किसानों की आवाज बनी सरकार

धान खरीदी की समय-सीमा समाप्त होने के बाद प्रदेश के कई इलाकों से शिकायतें सामने आई थीं। अनेक किसान टोकन कटने के बावजूद समय पर केंद्र तक नहीं पहुंच पाए। कहीं मौसम बाधा बना, तो कहीं परिवहन और तकनीकी समस्याएं सामने आईं। इन परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने त्वरित निर्णय लेते हुए दो दिन की अतिरिक्त अवधि की घोषणा की। यह निर्णय साबित करता है कि छत्तीसगढ़ सरकार जमीनी हकीकत को समझकर तुरंत कार्रवाई करने वाली सरकार है।

धान खरीदी का ऐतिहासिक महाअभियान

प्रदेश में 15 नवंबर 2025 से शुरू हुए धान खरीदी महाअभियान ने इस वर्ष नया कीर्तिमान स्थापित किया है। 31 जनवरी 2026 तक प्रदेश के 25 लाख 11 हजार से अधिक किसानों से लगभग 140 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। खरीफ सीजन में कुल 27 लाख 43 हजार 145 किसानों ने पंजीयन कराया था, जो राज्य की कृषि शक्ति और सरकार पर किसानों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

बालोद जिले की स्थिति

यदि बालोद जिले की बात करें तो जिले के 143 धान खरीदी केंद्रों में इस वर्ष 1 लाख 47 हजार 554 किसानों ने कुल 70 लाख 895 क्विंटल 60 किलो धान ही बेच पाए, जबकि समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए 1 लाख 55 हजार 119 किसानों का पंजीयन किया गया था। यानी बड़ी संख्या में ऐसे किसान रह गए, जो किसी कारणवश तय अवधि में धान नहीं बेच सके। धान खरीदी की तिथि बढ़ने से अब बालोद जिले के शेष किसानों को भी बड़ी राहत मिलेगी।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला नया बल

धान खरीदी से गांवों में आर्थिक गतिविधियां तेज हुई हैं। किसानों के खातों में सीधे भुगतान होने से बाजारों में रौनक बढ़ी है। छोटे व्यापारी, दुकानदार, मजदूर और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी इसका लाभ मिल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार 33 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि का सीधा वितरण ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देगा।

किसान हितैषी शासन का प्रतीक

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह निर्णय केवल एक प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि किसान हितैषी शासन की पहचान है। सरकार ने यह संदेश दिया है कि अन्नदाता की मेहनत का पूरा मूल्य उसे मिलेगा और उसकी उपेक्षा नहीं होगी। भविष्य में भी धान खरीदी व्यवस्था को और अधिक सरल, सुरक्षित व प्रभावी बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाएंगे।

उम्मीद और विश्वास का नया सूरज

धान खरीदी की अवधि में दो दिन की वृद्धि ने किसानों के मन में नई उम्मीद जगा दी है। किसान आज स्वयं को सुरक्षित और सम्मानित महसूस कर रहा है। सरकार और किसान के बीच विश्वास की यह मजबूत डोर आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को कृषि के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आधार बनेगी। मुख्यमंत्री श्री साय का यह फैसला किसान हित में उठाया गया एक साहसिक और संवेदनशील कदम के रूप में याद किया जाएगा।