रायपुर।
गोंड समाज की एकता, संगठनात्मक मजबूती और सांस्कृतिक संरक्षण को लेकर बालोद जिले की सामाजिक टीम के नेतृत्व में रायपुर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में समाज की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान गोंड समाज के पूर्व अध्यक्ष भोला राम नेताम ने समाज में कमजोर पड़ती एकता पर गहरी चिंता जताई।
भोला राम नेताम ने कहा कि अपने दो वर्षों के अध्यक्षीय कार्यकाल के अनुभव के आधार पर उन्होंने महसूस किया कि समाज विभिन्न क्षेत्रों में बंटता जा रहा है, जिससे सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि समाज धीरे-धीरे अपनी मूल संस्कृति, परंपराओं और रीति-रिवाजों से दूर होता जा रहा है। इसी उद्देश्य से मोवा, शंकर नगर, खम्हारडीह, सड्डू, भावना नगर सहित अन्य क्षेत्रों को चिन्हित कर समाज को जोड़ने की पहल की जा रही है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में समाज नशाखोरी, अपराध, सामाजिक कुरीतियों और आपसी मतभेद जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है, जिसका समाज की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि समाज को संगठित करने और इन समस्याओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। इसके तहत एक नई समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव सहित विभिन्न पदों पर जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। यह समिति समाजहित में सक्रिय भूमिका निभाएगी।
समिति का मुख्य उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना, लोगों को संगठित करना और सामाजिक सुधार की दिशा में योजनाबद्ध प्रयास करना होगा। साथ ही समाज भवन निर्माण, सामाजिक सुविधाओं के विस्तार और जरूरतमंदों की सहायता को प्राथमिकता दी जाएगी।
युवाओं को नशाखोरी और गलत रास्तों से दूर रखने के लिए विशेष कार्यक्रम, बैठकों, सभाओं और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी सहमति बनी।
बैठक में यह भी बताया गया कि जिस स्थान पर बड़ा देव की स्थापना है, वह गोंड समाज की आस्था और पहचान का प्रमुख केंद्र है। बालोद जिले के परसकल क्षेत्र से लाकर स्थापित की गई बड़ा देव की प्रतिमा के संरक्षण का संकल्प लिया गया, ताकि समाज की सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रह सके।
भोला राम नेताम ने कहा कि पहले गोंड समाज में आपसी एकता मजबूत थी और लोग सुख-दुख में एक-दूसरे के साथ खड़े रहते थे, लेकिन शहरीकरण और आधुनिक जीवनशैली के प्रभाव से यह भावना कमजोर हुई है, जिसे पुनः मजबूत करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
इस अवसर पर यह भी उल्लेख किया गया कि वर्तमान में गोंड़वाना गोंड समाज जिला बालोद के उपाध्यक्ष के नेतृत्व में समाज निरंतर संगठित हो रहा है और सामाजिक व सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से क्षेत्र में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
अंत में सभी उपस्थित सदस्यों ने संकल्प लिया कि गोंड समाज को संगठित कर आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से सशक्त बनाया जाएगा तथा समाज की पहचान, परंपराओं और विरासत को हर हाल में सुरक्षित रखा जाएगा।








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