February 20, 2026

बालोद जिला सेन समाज का ऐतिहासिक निर्णय — सामाजिक मर्यादा, परंपरा और पर्यावरण संरक्षण पर जोर

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बालोद। बालोद जिला सेन समाज की विशेष बैठक में समाजहित और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए। समाज के मीडिया प्रभारी उमेश कुमार सेन ने जानकारी देते हुए बताया कि इन फैसलों का उद्देश्य सामाजिक मर्यादा को सुदृढ़ करना, परंपराओं का संरक्षण करना और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को बढ़ावा देना है।

बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि सेन समाज का कोई व्यक्ति धर्म परिवर्तन करता है या धर्मांतरण संबंधी गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो उसके परिवार को समाज से रोटी-बेटी के संबंधों से वंचित किया जाएगा। समाज के प्रतिनिधियों ने इसे आस्था, एकता और परंपरागत मान्यताओं की रक्षा से जुड़ा कदम बताया।

इसके साथ ही विवाह एवं अन्य सामाजिक आयोजनों में फिल्मी या दिखावटी परंपराओं को समाप्त करने पर सहमति बनी। विशेष रूप से “साली द्वारा जूता छुपाने” जैसी प्रथाओं को पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया गया। समाज का मत है कि ऐसी परंपराएँ कई बार अनावश्यक विवादों को जन्म देती हैं और समाज की सादगीपूर्ण संस्कृति के अनुरूप नहीं हैं।

पारंपरिक माहुल (सिहरी) पत्तों से भोजन अनिवार्य

बैठक का एक प्रमुख निर्णय पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा रहा। अब सेन समाज के सभी सामाजिक कार्यक्रमों और भजन आयोजनों में भोजन पारंपरिक “माहुल (सिहरी)” के पत्तों से बने दोने-पत्तलों में ही परोसा जाएगा। समाज ने इसे प्रकृति-मित्र और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पहल बताया।

समाज के अनुसार माहुल के पत्ते पूरी तरह प्राकृतिक, जैव-विघटनीय (biodegradable) और पर्यावरण के अनुकूल होते हैं। इनके उपयोग से प्लास्टिक एवं थर्माकोल से होने वाले मिट्टी, जल और वायु प्रदूषण को रोका जा सकता है। साथ ही, इन पत्तों में प्राकृतिक स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़े गुण भी पाए जाते हैं, जो पारंपरिक जीवनशैली की उपयोगिता को दर्शाते हैं।

उमेश कुमार सेन ने कहा, “माहुल पत्तों का प्रयोग केवल भोजन की व्यवस्था नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और पर्यावरण के प्रति सम्मान का प्रतीक है। वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह समाज का प्रेरक कदम है।”

बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने नए नियमों का समर्थन करते हुए अपील की कि प्रत्येक कार्यक्रम में इनका पालन कर समाज संस्कार, सादगी और स्वच्छता का उदाहरण प्रस्तुत करे।