February 26, 2026

बजट में आंकड़ों का विस्तार, बिलाईगढ़ पुनः उपेक्षित- चंद्रदेव राय

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सारंगढ । छत्तीसगढ़ में आज प्रस्तुत राज्य बजट पर बिलाईगढ़ के पूर्व विधायक एवं पूर्व संसदीय सचिव चंद्रदेव राय ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट समावेशी विकास का दावा तो करता है, पर ज़मीनी संतुलन और क्षेत्रीय न्याय के प्रश्नों पर मौन है। राय ने राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट को आंकड़ों की बाज़ीगरी और प्राथमिकताओं के असंतुलन का दस्तावेज़ बताया।

पूर्व विधायक राय ने कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि समर्थन मूल्य, सिंचाई विस्तार, कृषि प्रसंस्करण और भंडारण संरचना के लिए घोषित प्रावधानों में कोई स्पष्ट समयसीमा या क्षेत्रवार प्राथमिकता नहीं दर्शाई गई। किसान को घोषणाओं से नहीं, लागत में राहत और आय में स्थायित्व चाहिए ।
रोजगार और कौशल विकास -पर उन्होंने कहा कि स्वरोजगार योजनाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उल्लेख अवश्य है, किंतु प्रत्यक्ष सरकारी नियुक्तियों की संख्या, विभागवार रिक्त पदों की पूर्ति और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया पर स्पष्टता नहीं है। प्रदेश का युवा केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं है।

राय ने कहा कि बजट का कुल आकार बढ़ाना ही विकास का प्रमाण नहीं होता। वास्तविक कसौटी यह है कि किन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई और किन्हें लगातार नज़रअंदाज़ किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों से अनुसूचित जाति बाहुल्य बिलाईगढ़ क्षेत्र के साथ सौतेला व्यवहार किया गया है। हर बार बड़े वादे हुए, लेकिन न तो अधोसंरचना परियोजनाओं को अपेक्षित स्वीकृति मिली और न ही शिक्षा, स्वास्थ्य व सिंचाई के लंबित प्रस्तावों को गति।

पूर्व विधायक ने कहा कि बिलाईगढ़ क्षेत्र में सड़क उन्नयन, पेयजल विस्तार, लघु सिंचाई और शैक्षणिक संस्थानों के सुदृढ़ीकरण जैसे मुद्दे लगातार उठाए जाते रहे, किंतु बजट प्रावधानों में उनका स्पष्ट प्रतिबिंब दिखाई नहीं देता। यदि बिलाईगढ़ जैसे अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र को समान अवसर और संसाधन नहीं मिलेंगे, तो सामाजिक न्याय की बात महज़ भाषण बनकर रह जाएगी ।कृषि और रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि घोषित योजनाओं में स्थानीय युवाओं और किसानों के लिए ठोस, समयबद्ध प्रावधान का अभाव है। स्वरोजगार, कौशल विकास और ग्रामीण उद्योगों के लिए घोषित राशि का क्षेत्रवार वितरण स्पष्ट नहीं है, जिससे आशंकाएँ और बढ़ती हैं।

राय ने राजस्व अनुमान और व्यय क्षमता पर भी प्रश्न उठाते हुए कहा कि यदि आय के अनुमान वास्तविकता से मेल नहीं खाते, तो विकास कार्यों पर सीधा असर पड़ेगा। बजट का मूल्यांकन केवल तालियों से नहीं, परिणामों से होगा ।

बिलाईगढ़ पूर्व विधायक राय ने अंत मे कहा कि बजट की कड़ियाँ जब जोड़ी जाती हैं तो तस्वीर साफ दिखती है-घोषणाओं का विस्तार है, पर क्षेत्रीय न्याय का संतुलन नहीं। प्रदेश के विकास का अर्थ तभी सार्थक होगा, जब बिलाईगढ़ जैसे अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्रों को समान प्राथमिकता और संसाधन मिलें। अन्यथा यह बजट केवल शब्दों का विस्तार बनकर रह जाएगा ।