February 26, 2026

बजट 2026–27 में किसान, युवा, शिक्षा और स्वास्थ्य की अनदेखी — आम आदमी पार्टी का आरोप

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बालोद,
आम आदमी पार्टी, बालोद (छत्तीसगढ़) ने भाजपा सरकार द्वारा प्रस्तुत ‘संकल्प’ बजट 2026–27 को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी के प्रदेश संयुक्त सचिव दीपक आरदे ने बजट को आम जनता की अपेक्षाओं के विपरीत बताते हुए कहा कि इसमें किसान, युवा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आदिवासी वर्ग के लिए कोई ठोस एवं प्रभावी प्राथमिकता दिखाई नहीं देती।

दीपक आरदे के अनुसार, बजट में प्रदेश के अनियमित कर्मचारियों के हितों के लिए कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया है। महिला सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर भी सरकार ने कोई विशेष पहल नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि रसोइया संघ की मांगों को एक बार फिर नजरअंदाज किया गया है। आरदे ने कहा कि पिछले वर्ष पेट्रोल पर वैट कटौती के चलते आम लोगों को राहत मिली थी, लेकिन इस बार बजट में ऐसी कोई राहत नहीं दी गई, जिससे जनता को निराशा हाथ लगी है।

उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के संदर्भ में भी सवाल उठाते हुए कहा कि पिछली बार पंचायत राज मद में 8,500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था, इसके बावजूद लाखों पात्र हितग्राहियों को अब तक आवास नहीं मिल पाया है। आरदे का दावा है कि इस वर्ष के बजट में आवास योजना को अपेक्षित महत्व नहीं दिया गया।

जिला मीडिया प्रभारी एवं युवा नेता पंकज जैन ने आरोप लगाया कि बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों को विकास के नाम पर केवल आश्वासन मिला है। उन्होंने कहा कि बालोद जिले के लिए बजट में कोई उल्लेखनीय घोषणा नहीं की गई। जैन के अनुसार, जिले के लिए न तो मेडिकल कॉलेज और न ही डीएड-बीएड कॉलेज जैसी आवश्यक शैक्षणिक संस्थाओं का जिक्र हुआ है।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए पंकज जैन ने कहा कि बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए घोषित प्रावधान राज्य की वास्तविक जरूरतों के मुकाबले अपर्याप्त हैं। उन्होंने 5 नए मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा, आयुष्मान मद में 1,500 करोड़ रुपए तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के लिए 2,000 करोड़ रुपए के प्रावधान को “कम और अव्यावहारिक” बताया। जैन ने आरोप लगाया कि प्रदेश के प्रमुख शासकीय अस्पतालों में संसाधनों की कमी है, मेडिकल कॉलेजों में प्राध्यापकों के पद रिक्त हैं और कई महत्वपूर्ण मशीनें खराब पड़ी हैं, जिससे मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है।

युवा सशक्तिकरण के लिए 1,097 करोड़ रुपए के प्रावधान पर भी आप ने सवाल उठाए हैं। पंकज जैन का कहना है कि बजट में राशि का प्रावधान तो किया गया है, लेकिन रोजगार सृजन के ठोस उपाय स्पष्ट नहीं हैं। महिला सुरक्षा, रानी दुर्गावती योजना तथा रसोई गैस से जुड़े वादों को लेकर भी पार्टी ने बजट को “अस्पष्ट” करार दिया।

पार्टी नेताओं का निष्कर्ष है कि बजट 2026–27 आम आदमी की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता और इससे आम जनता, विशेषकर किसान, युवा एवं महिलाएं, स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रही हैं।