May 14, 2026

कुष्ठ मुक्त जिले की ओर बढ़ते कदम: कलेक्टर के निर्देश पर वॉलंटियर्स का जिला स्तरीय प्रशिक्षण संपन्न

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सारंगढ बिलाईगढ़-  कुष्ठ रोग (लेप्रोसी) के पूर्ण उन्मूलन और रोकथाम को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। कलेक्टर महोदया पदमिनी भोई साहू के विशेष दिशा-निर्देशों के पालन में, आज स्वास्थ्य विभाग एवं ‘मिशन ट्रांसमिशन फ्री’ के संयुक्त तत्वावधान में आज दिनाक 13.05.2026 को एक दिवसीय जिला स्तरीय वॉलंटियर प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
जागरूकता से मिटेगा सामाजिक कलंक
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी (CMHO) डॉ. पुष्पेंद्र वैष्णव ने स्पष्ट किया कि कुष्ठ रोग अब कोई लाइलाज बीमारी नहीं है। उन्होंने कहा:
“कुष्ठ रोग पूर्णतः उपचार योग्य है। सबसे बड़ी चुनौती बीमारी नहीं, बल्कि इसके प्रति समाज में फैली भ्रांतियां और जागरूकता की कमी है। हमारे प्रशिक्षित वॉलंटियर्स गांव-गांव जाकर न केवल संदिग्ध मरीजों की पहचान करेंगे, बल्कि उन्हें मुख्यधारा के उपचार से जोड़कर समाज की सोच बदलने का कार्य भी करेंगे।”


प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु
कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा वॉलंटियर्स और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को रोग की बारीकियों से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण में निम्नलिखित विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई:
प्रारंभिक पहचान: त्वचा पर हल्के रंग के सुन्न दाग और नसों में सूजन जैसे लक्षणों को पहचानना।

​उपचार पद्धति: मल्टी ड्रग थेरेपी (MDT) की प्रभावशीलता और निरंतरता।

​विकलांगता रोकथाम: समय पर उपचार शुरू कर शरीर के अंगों को क्षति से बचाना।

​काउंसलिंग: मरीजों और उनके परिवारों को मानसिक संबल प्रदान करना।
​मिशन ट्रांसमिशन फ्री की भूमिका
​डॉ. वैष्णव ने बताया कि जिले में लेप्रोसी की प्रसार दर को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए ‘मिशन ट्रांसमिशन फ्री’ प्रोजेक्ट एक गेम-चेंजर साबित हो रहा है। इसके माध्यम से सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, जिससे हर संदिग्ध मरीज तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच आसान हो सके।
​सहभागिता एवं संकल्प
​इस गरिमामयी कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित ‘दि लेप्रोसी मिशन ट्रस्ट’ के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में वॉलंटियर्स उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के अंत में सभी प्रतिभागियों ने जिले को कुष्ठ मुक्त बनाने और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने का संकल्प लिया। अधिकारियों को विश्वास है कि जमीनी स्तर पर सक्रिय इन वॉलंटियर्स के माध्यम से जिले के कुष्ठ उन्मूलन अभियान को एक नई ऊर्जा और गति प्राप्त होगी।