May 14, 2026

NEET में मेहनत नहीं, पेपर बिक रहा है?” — बालोद में छात्रों का फूटा गुस्सा, NSUI ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

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बालोद। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 को लेकर उठे पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों ने अब सड़कों पर विरोध का रूप लेना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में बुधवार को बालोद जिला मुख्यालय में NSUI कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ प्रदर्शन कर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करने की मांग उठाई।

NSUI छात्र नेता देवेन्द्र साहू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र और संगठन के पदाधिकारी अनुविभागीय अधिकारी बालोद (राजस्व) कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक, परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी और पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने की खबरों ने देशभर के लाखों छात्रों और अभिभावकों को गहरी चिंता में डाल दिया है। छात्रों का कहना है कि वर्षों की मेहनत, कोचिंग और आर्थिक संघर्ष के बाद भी यदि परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं, तो यह मेहनती युवाओं के साथ अन्याय है।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने “पेपर लीक बंद करो”, “NTA जवाब दो” और “छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” जैसे नारे लगाए। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने शिक्षा व्यवस्था की साख को नुकसान पहुंचाया है, लेकिन अब तक जिम्मेदार लोगों पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई।

देवेन्द्र साहू ने कहा कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चे डॉक्टर बनने का सपना लेकर दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी उम्मीद और भरोसे दोनों को तोड़ रही हैं। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

NSUI ने यह भी मांग उठाई कि यदि दोबारा परीक्षा कराई जाती है तो उसे पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ के आयोजित किया जाए।