बालोद। जिले में पेट्रोल और डीजल की कमी अब आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन संकट की स्थिति बन गई है। गुरुवार शाम को झलमला पेट्रोल पंप और बालोद के 2 में से एक पेट्रोल पंप चालू रहने से अचानक भीड़ उमड़ पड़ी जिससे भाटिया पंप संचालक को खुद आ कर स्थिति संभानली पड़ी फिर भी लोगो में गर्मी रही लोग जहां रोज अपने जरूरत के अनुसार 100 से 200 का पेट्रोल डलवाते थे वो टैंक फूल करने में लगे कि क्या पता कल पेट्रोल मिले ना मिले साथ ही डीजल के लिए बड़ी गाड़ी खड़ी रही जिससे ट्रैफिक जाम रही स्थिति ये रही कि इमरजेंसी सेवा एंबुलेंस को भी डीजल मिलना मुश्किल हो गया ऐसे में जनता का परेशान होना स्वभाविक है |

जैसे ही एक दूसरे से जानकारी मिली दोपहर से बड़ी संख्या में लोग पेट्रोल-डीजल भरवाने पंप पहुंचे, जल्द ही स्टॉक खत्म होने के कारण संचालकों को शाम से पहले पंप बंद करना पड़ा। अचानक पंप बंद होने से कई वाहन चालक बीच रास्ते में फंस गए। कुछ बाइक सवारों को अपनी गाड़ियां धक्का देकर वापस लौटना पड़ा।
बताया जा रहा है कि जिले के कई अन्य पेट्रोल पंपों में भी ईंधन का स्टॉक सीमित हो गया है। जहां पेट्रोल-डीजल उपलब्ध है, वहां भी लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। हालात को देखते हुए आम नागरिकों में चिंता बढ़ने लगी है।
पश्चिम एशिया संकट का असर, प्रशासन भी हुआ सतर्क
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईंधन संकट के बीच जिला प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद अब बालोद प्रशासन ने भी पेट्रोल-डीजल की बचत को लेकर जरूरी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने अधिकारियों की बैठक लेकर सरकारी वाहनों के सीमित उपयोग के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने “पूल वाहन” व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है, ताकि कम वाहनों में अधिक अधिकारी एक साथ यात्रा कर सकें और ईंधन की बचत हो सके।
प्रशासन ने जारी किए निर्देश
जारी निर्देशों के अनुसार अब एक ही शासकीय वाहन में दो या तीन विभागों के अधिकारी-कर्मचारी विभिन्न शिविरों और कार्यक्रमों में जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में पेट्रोल और डीजल की बचत बेहद जरूरी है।
इधर, आम लोगों की मांग है कि जिले में जल्द पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।








More Stories
NEET में मेहनत नहीं, पेपर बिक रहा है?” — बालोद में छात्रों का फूटा गुस्सा, NSUI ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
कुष्ठ मुक्त जिले की ओर बढ़ते कदम: कलेक्टर के निर्देश पर वॉलंटियर्स का जिला स्तरीय प्रशिक्षण संपन्न
बिना अनुमति वर्षों से चल रहा डिजिटल सिस्टम? नगर पालिका बालोद पर गंभीर सवाल, अपर कलेक्टर से जांच की मांग