सरायपाली : गोपाल लहरिया
प्रकाश चन्द्र मांझी प्रभारी बीईओ सरायपाली को बीईओ पद से कार्यमुक्त करने के लिए आरटीआई कार्यकर्ता विनोद कुमार दास ने सिद्वार्थ कोमल परदेशीआइएएस सचिव छत्तीसगढ शासन स्कूल शिक्षा विभाग एवं विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ को लिखित शिकायत किया है। शिकायत पर छत्तीसगढ शासन स्कूल शिक्षा विभाग ने इस प्रकरण में जांच का आदेश दिया है।
बता दे कि प्रकाश चन्द्र मांझी हाईस्कूल बाराडोली में संस्कृत में व्याख्याता पद थे, वें 24/08/2017 को हाईस्कूल बाराडोली में कार्यभार ग्रहण किये है इनका अनुभव प्राचार्य पद हेतु 05 वर्ष का नही है लेकिन इनको के.कुमार संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग रायपुर द्वारा दिनांक 15/12/2021 को प्रभारी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी सरायपाली पद के लिए आदेश किया है तब से प्रभारी बीईओ सरायपाली के पद में बने हुए है।
अभी ऐसे ही प्रकरण में छत्तीसगढ हाईकोर्ट में एक याचिका दायर किया गया था,जिसमें व्याख्याता को बीईओ बनाने के संबंध में जबाब मांगा गया। तद्संबंध में छत्तीसगढ शासन स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर के दिनांक 14/03/2024 को आदेश क्रमांक एफ 12-4/2024/20-तीन के कंडिका संख्या 05 के अनुसार जो मूल पद व्याख्याता में है, वे नियमानुसार विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी पद की पात्रता नही रखते है,जबाब दिया है। दरअसल में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी के 25 प्रतिशत पदो में सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी की पदोन्नति से भरा जाना है तथा 75 प्रतिशत पदो को अन्य सेंवाओ के व्यक्तियो के स्थानांतरण/प्रतिनियुक्ति से भरा जाना है।
भर्ती नियम में यह टीप भी अंकित है कि फीडिग कैडर में पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध न होने की स्थिति में 05 वर्ष अनुभवी प्राचार्य पदस्थ किये जायेंगें।
छत्तीसगढ शासन स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय ने इस शिकायत में जांच हेतु संचालक लोक शिक्षण संचालनालय छ.ग. इन्द्रावती भवन को 21/05/2024 को पत्र जारी किया है। जिसमें शिकायत का परीक्षण करते हुए प्रकरण पर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने को निर्देशित किया है।

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