क्या भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने के लिए सरपंच सचिव को समय दे रहें हैं जिम्मेदार
ओमप्रकाश बघेल
देवभोग:- गरियाबंद जिले के ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों में मनमाने तरीके से अनियमितता और अनुपयोगी कार्य कराके जहां सरकारी बजट को चूना लगाया जा रहा है, वहीं पंचायत प्रतिनिधि हर काम में कमाई के चक्कर में नियम कायदे को ताक पर रखकर उसके पालन से बेपरवाह हैं। उन्हें न जांच की चिंता है, न अधिकारियों का डर है। ग्राम पंचायतों में सरंपच,सचिव और जनपद पंचायत देवभोग की तिकड़ी का बेलगाम राज चल रहा है। ऐसे में इस तिकड़ी को मनमानी करने की खुली छूट कहा से मिल गई है। पहले भी ऐसे तमाम काम कराए गए, जिनमें कमाई का रास्ता नजर आया। यहां तक कि कई अनुपयोगी काम भी करा दिए गए हैं, ऐसे तमाम निर्माण कार्य कराके जिम्मेदारों ने अपना-अपना हिस्सा तो ले लिया पर ये निर्माण कार्य अनुपयोगी पड़े-पड़े बर्बादी की कगार पर है । शिकायतों को अनदेखा करके जिम्मेदार मौन बने हैं। इसे लेकर लोगों में नाराजगी है और कुछ मामलों में अधिकारी दिखावे के लिए कार्रवाई करने जांच कराने जैसे स्टेटमेट देकर अपनी कमी छिपाने में जुटे हैं। ऐसा ही मामला ग्राम पंचायत कदलीमुडा़ में देखने को मिला जहां वित्तीय वर्ष 2020-21 में मृतको के नाम पर 90 हजार रूपये निकाल कर गबन किया गया। एवं वित्तीय वर्ष के 30/9/22 को सोखता गढढा के नाम से श्री श्माम ट्रेडर्स का बील लगाकर 1 लाख रूपये गबन करने का आरोप लगाया जा रहा है। 20/10/22 को गांधी चौक से पुजारीपारा मार्ग तक सी सी सड़क के नाम पर दो अलग-अलग बील लगाकर राशि आहरण कर गबन करने की बात सामने आ रही है, जबकी जमीनी स्तर पर सड़क गायब है। अन्य वित्तीय वर्ष में साफ सफाई ,रंगमंच निर्माण ,नाली निर्माण(उपस्वास्थ केंद्र के पास ) सार्वजनिक शौचालय,चबुतरा निर्माण जैसे राशी आहरण कर गबन करने की शिकायत हुए महीनों बीत जाने के बाद भी जिम्मेदार अब तक शिकायत पत्र को जांच दायरे में सम्मीलित नहीं कर पाये हैं जो बेहत गंभीर सवालो को उठाता दिख रहा है।
क्या जिम्मेदार अधिकारी पर्याप्त समय देकर सरपंच सचिव को बचाने में जुटे है:- शिकायतकर्ता ने 12 जून को जनपद पंचायत सीईओ के समक्ष लिखित शिकायत देकर कदलीमुड़ा ग्राम पंचायत में हुए भ्रष्ट्राचार की जांच की मांग की किंतु समय बीतने के बाद भी जिम्मेदार सरपंच सचिव पर जांच के नाम पर आंच नहीं आने देने का बेड़ा आपने कंधे पर उठा रखा हैं।जिसके चलते ग्राम पंचायत में किए गए हेराफेरी को आराम से पर्दा डालने काम किया जा रहा हैं। इस तरह के कार्यशैली से जनपद के अधिकारियों के उपर सवालिया निशान खड़ा हो रहा हैं। जनपद के अधिकारियों से अपना मोह भंग होता देख शिकायतकर्ता ने अब कलेक्टर जनदर्शन व मुख्यमंत्री जनदर्शन की तरफ अपना रुख अख्तियार करने का मन बना लिया हैं। और कदलीमुड़ा ग्राम पंचायत में हुए भ्रष्ट्राचार की कलाई खोलने की बात कही हैं।

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