March 23, 2026

एक सत्य, एक परमात्मा: संत रामपाल जी महाराज के सत्संग का संदेश

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रायगढ़ छत्तीसगढ़ | 23 मार्च 2025 को जिला रायगढ़ के कौहाकुण्डा में संत रामपाल जी महाराज जी का सत्संग प्रोजेक्टर के माध्यम से आयोजित हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त किया।

संत रामपाल जी महाराज के सत्संग शास्त्रों पर आधारित होते हैं l ऋग्वेद मंडल 10, सूक्त 90, मंत्र 16 में कहा गया है कि पूर्ण परमात्मा को पाने के लिए सतगुरु की शरण आवश्यक है। श्रीमद्भगवद गीता अध्याय 4 श्लोक 34 में कहा गया है कि तत्वदर्शी संत की शरण में जाने से ही सही ज्ञान प्राप्त होता है, अध्याय 18 श्लोक 62 में श्री कृष्ण अर्जुन को दूसरे परमेश्वर (पूर्ण ब्रह्म) की शरण में जाने के लिए कहते हैं। श्रीमद् देवी भागवत महापुराण स्कंध 7 अध्याय 36 में बताया गया है कि “कबीर ही परमेश्वर हैं, जो भक्तों को मुक्त करने आते हैं।”

संतों ने अपने वचनों में कहा है, गुरु नानक देव जी: “सतगुरु बिन घोर अंधेरा।” कबीर साहेब: “गुरु बिन ज्ञान न उपजे, गुरु बिन मिले न मोक्ष।” गरीबदास जी महाराज: “राम रहीम कुरान बखाने, पंडित वेद पुराण बखाने।”

संत रामपाल जी महाराज के सत्संग से पता चला कि सत्संग केवल धार्मिक उपदेश नहीं बल्कि समाज सुधार का माध्यम भी हैं। इनके प्रवचनों से लाखों लोगों को नशा, दहेज प्रथा, जातिवाद और अंधविश्वास जैसी कुरीतियों से मुक्ति मिली है।
इनके सत्संग वेद, गीता, पुराण, बाइबल और कुरान जैसे धार्मिक ग्रंथों पर आधारित होते हैं, जिससे श्रोता को प्रमाणिक और तर्कसंगत आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त होता है। इनके सत्संगों में सभी धर्मों के धर्मग्रंथों में उस पूर्ण परमात्मा की महिमा का वर्णन प्रामाणिकता से बताते हैं और एक सर्वोच्च ईश्वर (कबीर परमेश्वर) की भक्ति करने का संदेश दिया जाता है। इससे समाज में आपसी प्रेम और शांति का माहौल बनता है।
संत रामपाल जी महाराज जी का सत्संग मानवता की सेवा का एक अनूठा उदाहरण है। यह समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का एक सशक्त माध्यम है। उनके विचारों को अपनाकर लोग अपने जीवन को सुखमय बना रहे हैं। संत रामपाल जी महाराज का ज्ञान वेद, गीता, बाइबल, कुरान और पुराणों पर आधारित है, जो यह सिद्ध करता है कि वे एक प्रमाणिक तत्वदर्शी संत हैं। उनके सत्संग सुनकर लाखों लोग अपना जीवन सुधार चुके हैं और आध्यात्मिक शांति प्राप्त कर रहे हैं। यदि आप भी सत्य को जानना चाहते हैं, तो साधना TV पर शाम 7:30 बजे सत्संग प्रतिदिन अवश्य सुनें।