February 6, 2026

ब्रेकिंग न्यूज,,,40 बच्चो का भविष्य खतरे में, पालक परेशान

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सारंगढ़ – माता पिता अपने बच्चों की भविष्य संवारने के लिए कड़ी मेहनत की पाई पाई जामकर अच्छे स्कूलों में पढ़ाते है जहा बच्चो की शिक्षा का स्तर अछा हो जितना पालक बच्चो के लिए मददगार है उतना ही मददगार सरकार भी है गरीब तबके के बच्चो को सरकार मुफ्त शिक्षा प्रदान कर रही सरकारी स्कूलों में तो मिलता ही है लेकिन वही निजी स्कूलों में भी सरकार गरीब निम्न वर्गीय परिवार के बच्चे पढ़ सके उसके के लिए आरटीई राईट टू एजुकेशन ( RTE) योजना चला रही जिससे बच्चो को फ्री शिक्षा मिलती है ऐसे ही सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के 40 बच्चे एसे है जिनकी आज भविष्य में खतरा मंडराता नजर आ रहा है ये सभी बच्चे सराकर की योजना के तहत पढ़ाई कर रहे आज उन्हे स्कूल से निकाला जा रहा या आगे उनकी पढ़ाई नही होगी इससे पालक काफ़ी चिंतित नजर आ रहे है

स्कूल बंद होने की कगार पर,,40 बच्चे कहा जाए

अपको बता दे डेफोडिल पब्लिक स्कूल सरिया एक समाजसेवी खूबचंद अग्रवाल के स्मृति में उनके परिजनों द्वारा भूमिदान कर एवं संचालक महोदय के स्वयं के स्वामित्व की भूमि में समाजसेवा को ध्यान में रखते हुए डेफोडिल पब्लिक स्कूल का संचालन किया गया है जिसमें छत्तीसगढ़ शासन को शिक्षा नीति के तहत आरटीई के अंतर्गत 40 छात्र-छात्राओं को अध्यापन कार्य नर्सरी कक्षा से लेकर 10 वीं कक्षा तक संचालित है जिसमें सरिया नगर के सहित आसपास के ग्रामों से गरीब, निर्धन एवं जरुरतमंद छात्र-छात्राओं का प्रवेश हुआ है पढ़ाई लिखाई सब उत्कृष्ठ है स्कूल व्यवस्था भी संतोषप्रद है स्कूल व्यवस्था में पालकों द्वारा कोई शिकवा। शिकायत भी नहीं है समाज सेवा के अंतर्गत संचालक महोदय के कार्य भी प्रशंसनीय है लेकिन एकाएक 15 अप्रैल 2025 से स्कूल पूर्णतः बंद करने की चर्चा तेज है जिससे सैकड़ों छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकारमय होता नजर आ रहा है। 40 बच्चे आरटीई के तहत बीपीएल रेखा के नीचे अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अन्य पिछद्धा वर्ग एवं सामान्य वर्ग छात्र-छात्राओं का भविष्य भी अंधकारमय है। उन्हे नया स्कूल मिलेगा या नही यह भी अब तक संचालन से नही बताया गया यहां तक की कारणों से स्कूल को बंद किया जा रहा है ये अब तक पालक को भी नही बताया गया चूंकि भूमि दान दाता परिवार निःशुल्क में अपनी भूमि शिक्षा जैसे महादान के लिए समर्पित किया है और संचालक महोदय भी समाज सेवा के क्षेत्र में एक प्रसिद्ध व्यक्ति के रुप में जाने जाते है यह कि हम पालकमण स्कूल बंद होने से काफी परेशान हैं और कई वर्ष अपने बच्चों को पढ़ाने के बाद नये स्कूल में भर्ती होने में आर्थिक समस्या से जूझना पड़ेगा इस चिन्ता को लेकर सभी पालकगण कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचकर गुहार लगाया है अब देखना होगा की अगर स्कूल बंद होता है तो उन बच्चों की मुफ्त शिक्षा RTE के तहत पंजीकृत बच्चों के लिऐ क्या कदम उठाए जाएंगे