February 6, 2026

रेत लीज के नाम पर 500 एकड़ की फर्जी रजिस्ट्री

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सुशासन समाधान शिविर में गूंजा फर्जी जमीन रजिस्ट्री का मामला

साराडीह बैराज स्थित दायी तट के ग्राम जशपुर कछार के भू-अर्जन से लाभ कमाने हेतु मदनपुर साउथ कोल कंपनी द्वारा गरीब किसानो का भूमि की फर्जी रजिस्ट्री के जांच के संबंध शिविर में ज्ञापन सौपा

सारँगढ – पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार मनाया जा रहा लोग इसमें समस्या य फिर मांग पत्र लेकर आवेदन पत्र दे रहे है जिला प्रशासन द्वारा सुशासन समाधान शिविर क्षेत्र में आयोजित कर रहे है लोगो की छोटी बड़ी समस्या का समाधान किया जा रहा है सारँगढ अंतर्गत महानदी किनारे गाँव जशपुर में शिविर का आयोजन किया गया था जिसमे फर्जी जमीन रजिस्ट्री का मामला गुंजा ,,आपको बता दे पूरी फिल्मी स्टाइल में फर्जी तरीके से अगूंठा लगवा के जमीन अपना नाम कर लिया आधीरात को रजिस्टर साहब के कार्यालय खुलते है और जमीन रजिस्ट्री हो जाती है

इस तरह का मामला हैरान कर देनी वाली बात होगी पीड़ित किसानों ने समाधान शिविर में सूक्ष्म जांच की मांग की और लिखित में एसडीम को ज्ञापन सौपा जिसमे उल्लेखनीय है काफी वर्षो से 399 करोड लागत की बृहद साराडीह बैराज योजना मुख्तः 8 औद्योगिक संस्थानो को जल प्रदाय हेतु तैयार किया जा रहा है साराडीह बैराज स्थित दायी तट के ग्रामो के भू-अर्जन की प्रक्रिया वर्ष 2013 से निरंतर चली आ रही है। इन सभी ग्रामो ग्राम जशपुर कछार मे सबसे अधिक भूमि लगभग 379 हे0 डूब जाने वाली हे० यहां की सबसे अधिक किसान 823 प्रभावित होने वाली है परंतु अत्यंत खेद और चिन्ता की विषय है कि जो किसान प्रभावित होने वाले है

उसे उचित मुआवजा से भी वंचित करने का दुर्गामी षडयंड भी अनेक वर्षो से चल रहा है वर्ष 2008 में करीब 40 से 50 किसानो की 650 एकड जमीन धोखाधडी एवं फर्जी रजिस्ट्री के माध्यम से उनसे औने पौने दामो मे मदनपुर साउथ कोल कंपनी, बिमल एग्रीकल्चर अरूण अग्रवाल एवं अजय अग्रवाल ने अपने नामो पर कराया है। प्रभावित किसानो ने बहुत ही कठिनाईयो से संबंधित दस्तावेज प्राप्त कर निरंतर प्रशासन एवं पुलिस को जानकारी दी गई है। करीब 40 किसान 04/01/2017 को थाना प्रभारी कोसीर के पास अपराध दर्ज करवाने गये थे तदपश्चात 15/01/2017 को पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशानुसार मामले की जांच हेतु शिकायत कर्ताओ के बयान की प्रक्रिया शुरू हो गई थी जो अभी तक अपूर्ण है, जिसकी कब्जा अभी तक किसान करते चले आ रहे। जिसको लेकर किसानों ने अब सुशासन त्योहार में फिर से गुहार लगाई है और उचित जांच की मांग किया गया
और उक्त भूमियो की मुआवजा की राशि मूल किसानो की दिये जाने की मांग की