सरायपाली : खबर निरीक्षण
इस बार सारे रिकॉर्ड को तोड़ते हुए मई माह में ही मानसून का आगमन छत्तीसगढ़ में हो चुका है।
मानसून पहुँचने पूर्व सरायपाली अंचल में प्रीमानसून की बारिश हो चुकी है,30 मई को हुई मूसलाधार बारिश से खेत खार लबालब भर गये।
इस बारिश से नौतपा की तपीश पूरी तरह से गायब हो चुकी है एवं जेठ का महीना आषाढ़-सावन जैसा लग रहा है।
समय पूर्व मानसून पहुंचने से हर कोई हतप्रभ है एवं किसान अब तक न तो खाद बीज की व्यवस्था कर पाए हैं और न ही खेती की तैयारी कर पाए हैं,चिंता का विषय तो यह है कि कई किसान रबी धान की कटाई भी नहीं कर पाए हैं और न ही कई किसान खेतो की अकरस जुताई कर पाए हैं एवं बरसात पूर्व घरों की मरम्मत भी नहीं कर पाने से लोगों की परेशानी बढ़ जाएगी।
सामान्य तौर पर 15 जून के आसपास छत्तीसगढ़ में मानसून का आगमन होता है मगर इस बार 8-10 दिन पूर्व ही मानसून छत्तीसगढ़ पहुंचने की खबर है।
सरायपाली अंचल में भी 30 तारीख की रात को जोरदार बारिश हुई है किसान इसे भी मानसून पहुँचने की आहट मान रहे हैं और क्षेत्र में प्री मानसून बारिश लगातार होने से ट्रैक्टर से खेतों की अपने खेतों की अकरस जुताई नहीं कर पाए हैं और कल की बारिश से कई खेतों में पानी भर गया है।
ट्रैक्टर से जुताई के लिए हफ्ते भर का समय लगेगा अगर एक-दो दिन बाद फिर से बारिश हुई तो किसान मुश्किल में फंस जाएंगे और मानसून की आहट को देखते हुए कि किसान पशोपेश में पड़ गए हैं।
अभी तक कई सहकारी समितियों में खाद्य बीज की वितरण भी शुरू नहीं हुआ है और किसानों ने बताया कि इस बार समितियों में डीएपी खाद नहीं आने से किसानों को डीएपी नहीं मिल पाएगा,उन्हें खुले बाजार में ऊंची कीमत चुकाकर खाद खरीदने की मजबूरी होगी और किसान धान बीज की किल्लत से भी इस बार किस जूझ रहे हैं l
कांशीपाली के गौतम सिदार ने बताया कि उसे अभी तक कोई भी खाद समिति से नहीं मिला है,समिति में सिर्फ सरना धान का ही भंडारण हुआ है बाकी धान बीज की व्यवस्था किसानों को कृषि सेवा केंदों के भरोसे रहना होगा।
अचानक बारिश शुरू होने से धान विक्रेता पर्याप्त मात्रा में खाद बीज की व्यवस्था नहीं कर पाए हैं,जिससे किसानों को मांगने पर भी बीज नहीं पा रहे है।
धान कटाई प्रभावित
पिछले कई दिनों से मौसम का मिजाज बदलने से रबी फसल की कटाई प्रवाहित हो रही है और पिछले दिनों हुई बारिश के चलते खेत गीला हो जाने से हार्वेस्टर से धान की कटाई नहीं हो पा रही है,किसानों को अब चैन वाला हार्वेस्टर नहीं मिलने से कई किसान धान की कटाई नहीं कर पा रहे हैं। 30 मई को हुई बारिश से खेतों में पानी भर जाने से धान की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है।
ग्राम कांशीपाली के किसान घसिया सिदार के खेत में पानी भर जाने के कारण धान की फसल की कटाई नहीं कर पाया है एवं किसानों ने शासन-प्रशासन से धान फसल को हुई नुकसान की मुआवजा राशि दिए जाने की मांग की है।
जिन किसानों ने कटाई करके घर में सूखने के लिए रखा है नमी की वजह से धान खराब हो रहा है।
ईंट वालों का भट्ठा बैठा .
इस बार एकाएक मौसम बिगड़ने से ईंट निर्माण में लगे व्यवसायी एवं किसानों का भट्टा बैठ गया है,कई किसान अपने लिये ईंट बना कर जलाने की तैयारी में थे कि बारिश शुरू हो गई एवं हर शाम को गरज चमक के साथ बारिश होने से ईंट भट्ठा नहीं लगा पा रहे हैं और बनाया हुआ ईंट धराशाही होकर मिट्टी में मिल चुका है और ईट से घर बनाने का सपना देखने वाले किसानों की उम्मीद पर पानी फिर गया है।

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