February 5, 2026

पार्षद सत्यवान मनहर ने किया शासकीय भूमि पर कब्जा,, लगे कई गंभीर आरोप

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सरिया – नगर पंचायत सरिया क्षेत्र के वार्ड नंबर 15 में पार्षद द्वारा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने का मामला सामने आया है। स्थानीय निवासी ने आरोप लगाया है कि पार्षद ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए सार्वजनिक जमीन पर कब्जा कर लिया है
जानकारी के अनुसार, यह जमीन शासकीय है, जहाँ पहले खाली स्थान था पिछले कुछ वर्षों से वहां कब्जा कर अपने खेतिहर और आवासीय लायक निर्माण कार्य शुरू किया गया जिसकी शिकायत स्थानीय ग्रामीण चतुर धोबा ने कलेक्टर से किया और उचित जांच कर ऐसे जन प्रतिनिधि पर कठोर कार्यवाही की मांग की है

आपको बता दे की नगर पंचायत सरिया के वार्ड क्रमांक 15 के पार्षद सत्यवान मनहर के द्वारा लगभग 0.600 हे० शासकीय भूमि को अतिक्रमण कर बोर खनन करवा कर गायो के लिए माकन बना कर खेत बना कर कृषि कार्य कर भोग दखल कर रहा है एवं एक तालाब में मिटटी पाट कर खेत बना दिया गया है एवं उसके बगल किनारे एक अतिरिक्त भूमि को गड्डा खोद कर छोटा तालब बना लिया है एवं भविष्य में उसको खेत बनाने की मानसिकता है। जिसमे गन्दा पानी जमा होने से महामारी बीमारी एवं मौसमी बीमारियों के फैलने की पूर्ण संभावना है।

शासकीय जमीन की दलाली करता है पार्षद

साथ ही उन पर यह भी आरोप लगाया कि एक जन प्रतिनिधि होते हुए अपने फायदे के लिए (वोट बैंक) दुसरे गाँव के लोगो को शासकीय भूमि में बैठा रहा है एवं खरीदी बिक्री करवा कर कमीशन ले रहा है और लाखों रूपये की काली कमाई कर रहा इतना ही नहीं जो सी सी सड़क वार्ड क्रमांक 15 से गुडिया तालाब के पास जाने के लिए प्रस्तावित हुआ था उसे सत्यवान मनहर मेन रोड से अपने घर तक ले गया। अगर इसकी भी जांच किया जाए तो वहां भी शासकीय भूमि पर अतिक्रमण मिलेगा सरिया के वार्ड नंबर 15 में जितने भी शासकीय भूमि है धीरे धीरे उसे कब्जा कर बेच रहा या तो अपने निजी फायदे के लिए कब्जाकर सरकार की शासकीय भूमि का बंदरबाट कर रहा है यहां तक कि छोटे झाड वन के जंगल में पार्षद सी सी रोड का निर्माण करवा कर अपने बेजा कब्जा भूमि को व्यवसायिक भूमि बनाने के उद्देश्य से शासन के धन का दुरपयोग भी खुलेआम कर रहा है

पार्षद करता है अवैध वसूली

वहीं उन पर यह भी आरोप लगा है कि शासकीय भूमि की कब्जा कराने या कोई भी उस वार्ड में काम हो उसे करने के लिए उन्हें चढ़ावा देना होगा अगर नहीं दिया तो उसे षडयंत्र पूर्वक फ़साने और परेशान करने का काम करता है शिकायतकर्ता ने बताया कि पार्षद द्वारा मेरे से रुपये माँगा गया मेरे द्वारा इंकार करने के कारण मुझे और मेरे परिवार के जीवन यापन की भूमि को शासन को गुमराह कर मुझे बेदखल कर निकाल दिया गया जबकि मेरे काबिज भूमि के अगल बगल आगे पीछे और भी कई लोग अतिक्रमण किये हुए है फिर भी मुझे व्यक्तिगत रूप से परेशान कर हटाया गया है आखिर नियम सिर्फ एक के लिए ही क्यों? परेशान सिर्फ एक को ही क्यों किया जा रहा?

जन प्रतिनिधि हो या आम नागरिक कानून बराबर ?

वैसे तो भारत के संविधान में साफ साफ लिखा है कि शासकीय भूमि पर कब्जा या अतिक्रमण करना चाहे आमनागरिक हो या फिर कोई जन प्रतिनिधि कानून और उसका प्रावधान एक है क्या सरिया में भी समान है क्या होगा उचित कार्यवाही यह सवाल अब इसलिए उठ रहा की अकसर यह देखने और सुनने को मिलता है कि आमजनता कानून की चक्की में पीस जाता है और बड़े धन्ना सेठ हो या फिर कोई जन प्रतिनिधि वही अधिकारी की कानूनी कमल बदल जाते है अब देखना होगा कि आखिर ऐसे अतिक्रमण कारी भूमाफिया जन प्रतिनिधि से क्या जिला प्रशासन अपनी शासकीय भूमि बचा पता है यह नहीं जबकि कलेक्टर विगत कुछ महीने पीछे ही यह आदेश दिया था कि किसी भी सरकार जमीन पर कब्जा या अतिक्रमण होता है तो तत्काल उसे हटाया जाए और ऐसा नहीं होता है तो उस क्षेत्र के जिम्मेदार अधिकारी पर उचित कार्यवाही होगा फिलहाल देखना होगा जांच के बाद आगे किया कार्यवाही होता है