सारंगढ़-बिलाईगढ़।
विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 17 सारंगढ़ की विधायक श्रीमती उत्तरी गणपत जांगड़े ने किसानों से जुड़े गंभीर मुद्दों को लेकर कलेक्टर को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने धान खरीदी पोर्टल में उत्पन्न तकनीकी समस्याओं, पंजीयन में गड़बड़ियों और किसानों को हो रही परेशानियों का विस्तार से उल्लेख किया है।
विधायक उतरी जांगड़े ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार द्वारा किसानों के हित में अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं, परंतु इस वर्ष धान खरीदी पोर्टल में तकनीकी खराबी के वजह से किसानों का पंजीयन नहीं हो पा रहा है। किसान दफ्तरों के चक्कर काट रहे है कई ऐसे किसान है जिनका भूमि स्वामी नाम कट गया है किसी और का भूमि किसी और का दिख रहा है एग्रिस्टेक से अनेक प्रकार की समस्या सामने आ रही है समय रहते अगर सुधार नही होगा आंदोलन की चेतावनी दी जिसके पूरा जवाबदेही शासन प्रशासन की होगी
ज्ञापन में उल्लेखनीय
1.एग्रीस्टेक पोर्टल में किसान रक्बा खसरा का पंजीयन करा रहे है किन्तु एग्रीस्टेक पोर्टल पंजीयन का किसान पोर्टल में डाटा नहीं जा रहा है तथा दोनो पोर्टल आपस में मेल नहीं खा रहे है।
2.विभाग द्वारा गिरदावरी/ भौतिक सत्यापन कराया गया है किन्तु कई जगह संबंधित पटवारीयों व अन्य कर्मचारीयों द्वारा स्वयं भौतिक सत्यापन न करके ठेके में अन्य व्यक्तियों से करवाया गया है, जिससे कई जगह धान के फसल में बिना कुछ धान लिखे सत्यापन कर दिया गया है तथा कुछ जगह धान सामान्य के जगह बासमती एवं अन्य फसल लिख कर सत्यापन कर दिया गया है। जिससे हजारों किसान का रक्बा किसान पोर्टल में धान के जगह अन्य फसल या रक्बा शुन्य दिखा रहा है।
3.कई जगह पटवारी एवं तहसीलदार द्वारा 20 डिसमिल से कम रक्बा का भौतिक सत्यापन नहीं कर रहे है जिससे छोटे किसान धान बेचने में असमर्थ हो जा रहे है।
4.एग्रीस्टेक एवं किसान पोर्टल में किसानों का रक्बा गायब हो जा रहा है, जिससे किसान बार-बार ऑनलाईन करा कर तथा कार्यालयों के चक्कर लगाकर थक गए
5.विगत वर्ष बी. 1 ,पी 2 ,नक्शा, खसरा ऑनलाईन पोर्टल भूईया में दिखा रहा था किन्तु इस वर्ष हजारों किसानों का बी.1 पी2 नक्शा, खसरा पोर्टल से गायब है या किसी अन्य नाम से दिखा रहा है। जबकी विगत वर्ष सब डाटा ठीक था इसके कारण किसान पटवारी, तहसील कार्यालय का चक्कर लगाने के लिए मजबूर है। तथा अनेक जगह से शिकायत मिल रही है कि इन छोटे-छोटे कार्यों के लिए संबंधित अधिकारीयों/कर्मचारियों द्वारा पैसों की मांग किया जाता है। जो कि भ्रष्टाचार का बहुत बड़ा जड़ बन रहा है। अतः इनपर लगाम लगाना बहुत जरूरी है। क्या ऑनलाईन पोर्टल से इनका रक्बा, खसरा, बी.1, पी2 जानबुझकर गायब कर दिया जाता है, ताकि इसके एवज में अनैतिक लाभ कमाया जा सके।
6.बिना एग्रीस्टेक पोर्टल के किसानों का धान किसान पोर्टल के माध्यम से इस वर्ष खरीदा जाये।
7.धान खरीदी 1 नवंम्बर से शुरू किया जाये। क्योंकि किसानों फसल की कटाई शुरू हो गई है तथा किसान धान को बाहर रखने पर पानी से खराब होने का डर है, अतः धान की खरीदी तत्काल शुरू की जाये।
8.मोन्धा चक्रवात के वजह से किसानों के धान का बहुत नुकसान हुआ है अतः आकलन कर सभी किसानों को मुआवजा प्रदान किया जायें।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 नवंबर तक किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो किसान संगठनों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।पत्र पर क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी हस्ताक्षर कर किसानों की मांगों का समर्थन किया है।
सारंगढ विधायक श्रीमती उत्तरी गनपत जांगड़े,पूर्व जिला अध्यक्ष अरुण मालाकार,ब्लॉक अध्यक्ष पुरषोत्तम साहू,वरिष्ठ कांग्रेसी संजय दुबे,राधेश्याम जायसवाल,प्रदेश महिला सेवादल मंजुलता आंनद,जिला महामंत्री विष्णु चंद्रा,गनपत जांगड़े,राकेश पटेल,प्रमोद मिश्रा,अशोक वर्मा,दुर्गेश अजय,चैतन्य जांगड़े,शशि पटेल,प्रणय वारे,रमेश पटेल,राजकमल अग्रवाल गोलू,दुर्गेश पटेल,शुभम बाजपेयी,धीरज बहिदार,राहुल बंजारे,धनेश भारद्वाज,सोमू यादव,नावेद खान,विजय सिदार,अंकित पटेल,आशीष नंदे, राहुल मैत्री,मुकेश साहू,विशाल आनंद,बिक्कू मालाकार,सत्यम बाजपेयी,प्रकाश साहू,गज्जू यादव आदि कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।

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