महासमुंद : खबर निरीक्षण
बाबा गुरु घासीदास जी की शोभा यात्रा/जयंती समारोह का आयोजन पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में दिनांक 18 दिसंबर 2025 से प्रारंभ होकर 31 दिसंबर 2025 तक यह जयंती समारोह पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश के हर गांव में जहा सतनामी समाज के लोग निवास करते है उस गांव बाबा गुरु घासीदास जी का जयंती समारोह का आयोजन किया जाएगा l
बाबा गुरू घासीदास का जन्म 18 दिसंबर सन् 1756 में बलौदा बाजार जिले के गिरौदपुरी में एक गरीब और साधारण परिवार में पैदा हुए थे।
उन्होंने सामाजिक कुरीतियों का विरोध किया जिसका असर आज तक पूरे संत-समाज पर दिखाई पड रहा है,उनकी जयंती हर साल पूरे छत्तीसगढ़ में 18 दिसंबर को मनाया जाता है।
शिक्षाएँ और विश्वास बाबा गुरु घासीदास के अनुयायी जिन्हें सतनामी समाज के नाम से जाना जाता है,उनकी शिक्षाओं का पालन करते हैं l
बाबा गुरु घासीदास जी के सात प्रमुख शिक्षाए हैं-
1,सतनाम पर विश्वास रखना l
2, जाति-पाति के प्रपंच में नहीं पड़ना l
3,जीव हत्या नहीं करना l
4,मांसाहार नही करना l
5,चोरी,जुआ से दूर रहना l
6,नशा सेवन नहीं करना l
7,व्यभिचार नही करना l
बाबा गुरु घासीदास जी ने जातिवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य भर में यात्राए की है l
ऐसा माना जाता है कि यह सतनामी समाज में पूजा करने,सत्य की खोज करने और समाज के लिए अच्छा करने की प्रेरणा जगाता है ।
बाबा गुरु घासीदास ने जाति-जाति के भेदभाव के खिलाफ प्रचार किया और अपने अनुयायियों से सभी व्यक्तियों के साथ सम्मान और गरिमा के साथ व्यवहार करने का आग्रह किया l
शिक्षाएँ और विश्वास बाबा गुरु घासीदास के अनुयायी जिन्हें सतनामी समाज के नाम से जाना जाता है,उनकी शिक्षाओं का पालन करते हैं l
आप सभी को 18 दिसंबर गुरु घासीदास जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं l जय सतनाम

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