February 5, 2026

तांदुला को नया जीवन देने उतरा प्रशासन, जलकुंभी हटाने से लेकर जनश्रमदान तक महाअभियान

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बालोद।
जीवनदायिनी तांदुला नदी को पुनः स्वच्छ, प्रवाहमान और जीवंत बनाने के संकल्प के साथ जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर महाअभियान छेड़ दिया है। डीएमएफ मद से संचालित इस अभियान के तहत आधुनिक मशीनों के माध्यम से नदी में जमी जलकुंभी, गाद और कचरे को हटाने का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है। जल संसाधन विभाग के नेतृत्व में हीरापुर एनीकट से रामघाट मंदिर तक नदी की सफाई एवं समतलीकरण किया जा रहा है।
नदी सफाई के दौरान बाहर निकली खंडित व विसर्जित मूर्तियां लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं। प्रशासन द्वारा इन मूर्तियों के सम्मानजनक संरक्षण एवं विधिसम्मत पुनः विसर्जन की व्यवस्था पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है, ताकि आस्था और पर्यावरण—दोनों का संरक्षण हो सके।


इसी क्रम में प्रशासन ने 31 दिसंबर को वृहद स्तर पर जनसहयोग से श्रमदान अभियान आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस अभियान में जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, स्वयंसेवी संस्थाएं और आम नागरिक मिलकर तांदुला नदी को स्वच्छ बनाने में भागीदारी निभाएंगे।
साथ ही तांदुला एवं गोंदली नदी के किनारों पर फैले प्लास्टिक कचरे को हटाने का अभियान भी समानांतर रूप से चलाया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि नदी और तटों की स्वच्छता से न केवल पर्यावरण संरक्षण होगा, बल्कि जल स्रोतों की गुणवत्ता सुधरने के साथ आने वाली पीढ़ियों को भी स्वच्छ जल का उपहार मिलेगा।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस महाअभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और तांदुला नदी को फिर से उसकी प्राकृतिक गरिमा और जीवनदायिनी पहचान लौटाने में सहभागी बनें।