बालोद।
जिला सेन समाज बालोद द्वारा समाज की मातृशक्ति को संगठित, सशक्त और नेतृत्व के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय महिला सेन समाज परिचय सम्मेलन एवं महिला प्रकोष्ठ गठन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला सेन समाज बालोद के मीडिया प्रभारी उमेश कुमार सेन ने बताया कि समाज में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने, उन्हें नेतृत्व के लिए प्रेरित करने तथा संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी भूमिका को मजबूत करने के उद्देश्य से यह विशेष सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।
यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम 17 मार्च 2026, मंगलवार को बंजारी धाम जुगेरा स्थित सामाजिक भवन में दोपहर 12 बजे से आयोजित होगा।
उमेश कुमार सेन ने बताया कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज की महिलाओं को एक सशक्त मंच प्रदान करना है, जहाँ वे आपसी परिचय, संवाद और विचार-विमर्श के माध्यम से समाज के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित कर सकें। कार्यक्रम के माध्यम से जिले के विभिन्न ब्लॉकों एवं इकाइयों से जुड़ी महिलाओं को एक मंच पर लाकर सामाजिक जागरूकता, नेतृत्व क्षमता और संगठनात्मक मजबूती की दिशा में ठोस पहल की जाएगी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महिला सेन समाज की प्रदेशाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन (राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त) विशेष रूप से उपस्थित रहेंगी। वे महिला सशक्तिकरण, सामाजिक नेतृत्व और संगठन के विस्तार से जुड़े विषयों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए महिलाओं को समाज निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करेंगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला सेन समाज बालोद के जिलाध्यक्ष संतोष कौशिक करेंगे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में सेन समाज के प्रदेशाध्यक्ष पुनित सेन अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराते हुए समाज की एकता, संगठनात्मक मजबूती और सामाजिक विकास को लेकर अपने विचार साझा करेंगे।
इस अवसर पर जिले के सभी ब्लॉकों एवं इकाइयों से नव-निर्वाचित महिला पदाधिकारी, समाज की वरिष्ठ महिलाएं तथा बड़ी संख्या में मातृशक्ति की उपस्थिति अपेक्षित है। सम्मेलन के दौरान महिला प्रकोष्ठ का विधिवत गठन किया जाएगा, जिससे महिलाओं की संगठनात्मक भूमिका को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
जिला सेन समाज के सचिव रामकुमार श्रीवास तथा मीडिया प्रभारी उमेश कुमार सेन ने जिले के सभी ब्लॉक अध्यक्षों एवं इकाई अध्यक्षों से आग्रह किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र की महिला पदाधिकारियों एवं समाज की मातृशक्ति को इस सम्मेलन की जानकारी देकर अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रेरित करें, ताकि यह आयोजन समाज की एकता, जागरूकता और संगठनात्मक शक्ति का सशक्त उदाहरण बन सके।
समाज के पदाधिकारियों का मानना है कि इस सम्मेलन के माध्यम से महिलाओं में सामाजिक चेतना, नेतृत्व क्षमता तथा संगठन के प्रति जिम्मेदारी की भावना और अधिक सुदृढ़ होगी, जिससे सेन समाज के विकास एवं सामाजिक समरसता को नई दिशा मिलेगी।








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