सारंगढ़-बिलाइगढ़। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कड़ी मेहनत के बाद अब सारंगढ़-बिलाइगढ़ जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि जुड़ने वाली है। जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) भेडवन का चयन राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) प्रमाणीकरण के लिए किया गया है। भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा नामित राष्ट्रीय मूल्यांकन कर्ता आगामी 16 और 17 मार्च को अस्पताल की सुविधाओं और सेवाओं का कड़ा परीक्षण करेंगे।
कलेक्टर डॉ संजय कुमार कनौजे के पदभार ग्रहण करते ही जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उन्नत करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. एफ. आर. निराला के मार्गदर्शन में पिछले कई महीनों से स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला सलाहकार श्री कृष्ण पुरी गोस्वामी की प्रत्यक्ष निगरानी में अस्पताल के बुनियादी ढांचे से लेकर दस्तावेजीकरण तक के कार्यों को अंतिम रूप दिया गया, जिसके बाद ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण हुई।

दो दिवसीय सघन निरीक्षण की रूपरेखा
भारत सरकार द्वारा नियुक्त दो सदस्यीय टीम, जिसमें डॉ. अजय सिंह एवं डॉ. अंजु गोपे प्रधान शामिल हैं, 16 और 17 मार्च को भेडवन का दौरा करेंगे। इस दौरान अस्पताल की निम्नलिखित प्रमुख शाखाओं का मूल्यांकन होगा:
ओपीडी और आईपीडी: मरीजों के पंजीकरण से लेकर वार्ड में भर्ती की प्रक्रिया।
प्रसव कक्ष और लैबोरेट्री: सुरक्षित प्रसव की सुविधाएं और लैब में होने वाली जांचों की सटीकता।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम: टीबी, कुष्ठ, नेत्र, मलेरिया, फाइलेरिया और गैर-संचारी रोग (NCD) नियंत्रण कार्यक्रमों का क्रियान्वयन।
इन मानकों पर टिकी होगी रिपोर्ट
मूल्यांकन टीम केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि धरातल पर सुविधाओं की जांच करेगी:
स्वच्छता और व्यवस्था: बायोमेडिकल वेस्ट (BMW) प्रबंधन, फायर सेफ्टी, स्टोर रूम और पेयजल स्रोतों की शुद्धता।
मरीजों की सुविधाएं: आईपीडी में भर्ती मरीजों के लिए अलग-अलग दिनों के अनुसार रंगीन बेडशीट (कलर कोडिंग), पोषण आहार और एम्बुलेंस (परिवहन) सेवा।
हर्बल गार्डन: अस्पताल परिसर में औषधीय पौधों का रखरखाव।
साक्षात्कार: टीम न केवल डॉक्टरों और कर्मचारियों से तकनीकी सवाल पूछेगी, बल्कि वहां भर्ती मरीजों से सीधे संवाद कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और व्यवहार का फीडबैक भी लेगी।
गोपनीय प्रतिवेदन से तय होगा भविष्य
दो दिनों तक चलने वाले इस सघन निरीक्षण के बाद मूल्यांकन कर्ता अपनी गोपनीय रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपेंगे। यदि पीएचसी भेडवन इन कड़े मानकों पर खरा उतरता है, तो इसे राष्ट्रीय स्तर का प्रमाणीकरण प्राप्त होगा, जिससे न केवल जिले का मान बढ़ेगा बल्कि अस्पताल को अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन भी प्राप्त होगा, जिसका उपयोग जनसुविधाओं के और विस्तार में किया जा सकेगा।








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