महासमुंद :
बुद्ध पूर्णिमा,जिसे बुद्ध जयंती के नाम से मनाया जाता है,यह जयंती हर वर्ष हिंदू कैलेंडर के अनुसार बैशाख पूर्णिमा को मनाई जाती है,यह दिन भगवान गौतम बुद्ध की जयंती के रूप में विशेष महत्व रखता है,जिनका जन्म राजकुमार सिद्धार्थ गौतम के रूप में 563 ईसा पूर्व लुंबिनी में हुआ था जो अभी वर्तमान में नेपाल है l
गौतम बुद्ध को पीपल के वृक्ष के नीचे ज्ञान की प्राप्ति हुई और सिद्धार्थ से बुद्ध कहलाए,इसलिए बैशाख पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है,जिन्होंने विश्व को सत्य,अहिंसा और शांति का संदेश दिया l
ऐसी मान्यताएं है की बुद्ध पूर्णिमा के दिन जल से भरा मिट्टी का घड़ा,चप्पल,छतरी,अनाज या फल का दान करना चाहिए l
इस बुद्ध पूर्णिमा जयंती को भीम आर्मी भारत एकता मिशन महासमुंद के सभी पदाधिकारियों व सभी सदस्यों तथा बौद्ध समाज के लोगो द्वारा बहुत ही सुंदर नाजारों के साथ बड़ी धूम-धाम से बुद्ध की प्रतिमा व बाबा साहेब डॉ.भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति पर पुष्प एवं मोमबत्ती जलाकर बौद्धधम्म रथ निकाली गई जो नयापारा महासमुंद से प्रारंभ होकर कांग्रेस भवन तक बौद्धधम्म रथ का समापन किया गया l
जिसमे प्रमुख रूप से बौद्ध समाज के जिलाध्यक्ष शंकर नदेस्वर,सालनी गायगवरे,बुद्ध प्रकाश,रतन कमड़े,वासनिक सर नदीमोड़ वाले व बौद्ध समाज के बहुत अधिक संख्या में सदस्य मौजूद थे और उनमें भीम आर्मी भारत एकता मिशन महासमुंद के आकाश डोंगरे जिला प्रभारी,जिला उपाध्यक्ष सुशील बघेल,जिला महासचिव द्वारिका कुर्रे,डोमरसिंग बंजारे व भीम आर्मी के साथी बड़ी संख्या में उपस्थित थे l

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