रायगढ़ – छत्तीसगढ़ के जिला रायगढ़ में जगत गुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के शिष्यों द्वारा प्रोजेक्टर के माध्यम से एक दिवसीय सतसंग समारोह आयोजित किया गया था। जिसमें संत रामपाल जी महाराज ने प्रमाण के साथ बताया कि परमात्मा साकार है या निराकार। संत रामपाल जी ने अपने अनमोल सतभक्ति मार्ग प्रमाणित करते हुए कहा कि पवित्र वेदों में पूर्ण परमात्मा साकार है व सशरीर है। वेद मानव धर्म के सबसे प्राचीन ग्रंथ हैं। वेदों में पूर्ण परमात्मा की महिमा के साथ-साथ पूर्ण परमात्मा को प्राप्त करने की पूर्ण रूप से प्रमाणित जानकारी दी। तथा वह परमात्मा कैसा है? कौन है? कहाँ रहता है? इसकी भी जानकारी दी गई है। तत्वज्ञान के अभाव से ऋषियों संतों ने वेदों के ज्ञान को समझे बिना परमात्मा को निराकार मान लिया जबकि वेदों में प्रमाण है कि परमात्मा साकार है तथा सशरीर है। यजुर्वेद अध्याय 40 मंत्र 8 में कहा है कि (कविर मनिषी) जिस परमेश्वर की सर्व प्राणियों को चाह है, वह कविर अर्थात कबीर परमेश्वर पूर्ण विद्वान है। उसका शरीर बिना नाड़ी (अस्नाविरम) का है, (शुक्रम अकायम) वीर्य से बनी पांच तत्व से बनी भौतिक काया रहित है। वह सर्व का मालिक सर्वोपरि सतलोक (शाश्वत स्थान) में विराजमान है। उस परमेश्वर का तेजपुंज का (स्वर्योति) स्वयं प्रकाशित शरीर है।
जो शब्द रूप अर्थात अविनाशी है। वही कविर्देव (कबीर परमेश्वर) है जो सर्व ब्रह्मण्डों की रचना करने वाला (व्यदधाता) सर्व ब्रह्मण्डों का रचनहार (स्वयम्भूः) स्वयं प्रकट होने वाला समान (यथा तथ्यः अर्थान्) वास्तव में (शाश्वतिभः) अविनाशी है जिसके विषय में वेद वाणी द्वारा भी जाना जाता है कि परमात्मा साकार है तथा उसका नाम कविर्देव अर्थात् कबीर प्रभु है।

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