February 5, 2026

जंगली जीव और ग्रामीण कब तक गवाते रहेंगे जान … वन विभाग है अनजान

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वन विभाग को भी करनी चाहिए कार्यवाही

सारंगढ़ बिलाईगढ़ – करेंट से मौत का तांडव थमने का नाम ही नही ले रहा जिले में लगातार जंगली जानवरों के शिकार के साथ ग्रामीण भी अपनी जान गवा रहे है ताजा तरीन मामला तेंदुदरहा का है जहा ग्रामीण जंगली जानवरों का शिकार करने के लिय हाई वोल्टेज बिजली प्रवाहित तार बिछाया था जिसमें कोई जानवर तो चपेट में नही आया बल्कि एक युवक फसकर अपनी जान गवा दी इससे पहले भी जिले में कई बार ऐसी घटना घट चुकी है जहा जानवरों के लिय बिछाए करेंट में ग्रामीण फसकर झुलस गए थे तो अब सीधे मौत हुई इस बात से साफ जाहिर होता है की वन विभाग की ह्यूमन इंटेलिजन और गस्ति में घोर लापरवाही है जबकि वन विभाग के पास बीट क्षेत्र में बीट गार्ड तक तैनात होते है बीट क्षेत्र में लगातार गस्त लगाना और शिकारियों पर शिकंजा कसना या रोकने में अहम भूमिका निभाते है लेकिन जिले में सिस्टम सुस्त चल रहा नतीजा ग्रामीण अपनी जान गवा रहे है हालाकि कार्यवाही तो जरूर होती है लेकिन घटना घटने के बाद वन विभाग को घटना के बाद ही कुछ सुराग मिल पाता है ऐसे में तो जंगली जीव सुरक्षित है और न ही वानाचल क्षेत्र के ग्रामीण वन विभाग को भी जागने की जरूरत है बीट क्षेत्र मे लगातार गस्त के साथ मुखबिर तंत्र को भी तेज करने की जरूरत है जंगली जीव के साथ ग्रामीणों की सुरक्षा के लिय वन विभाग को ठोस कदम उठाने की जरूरत है अब देखना होगा कि आखिर कब तक जंगली जीव और ग्रामीण शिकारियों के बिछाए करेंट की जाल में फसकर जान गवाते रहेंगे

वन विभाग चुप क्यों? या करेगी कार्यवाही?

खुलेआम जानवरों का शिकार के लिय बेखौफ होकर तार बिछा रहे शिकारी और वन विभाग की टीम को खबर तक नही की अपनी जंगल में किया चल रहा घटना के बाद वन विभाग जागती है जबकि वन विभाग को भी कार्यवाही करने की जरूरत है आरोपियों पर तो कार्यवाही वन विभाग की ओर से होनी चहिए साथ ही वन कर्मी पर भी होनी चहिए आखिर बीट क्षेत्र में इतनी बड़ी घटना घट जाती है और वन विभाग के आलाधिकारी चुप्पी साध लेते है यही कारण है की न तो शिकारियों के हौसले टूट रहे और न ही उनके खुद के वन कर्मियों अपनी लापरवाही और जिम्मेदारी बखूबी निभाते नजर आ रहे सवाल के घेरे में वन विभाग क्या कार्यवाही करेगी वन विभाग? क्या लापरवाह वन कर्मी पर भी होगी कार्यवाही? या विभाग घटना के बाद पल्ला झाड़ लेंगे? अब देखना होगा कि वन विभाग किया कुछ कदम उठाते है