बरमकेला – ब्लॉक के ग्राम खिचड़ी में मंगलवार की शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। ग्राम खिचड़ी निवासी चित्रसेन चौहान की तालाब में डूबने से मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही गांव में मातम छा गया। ग्रामीणों और परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि मृतक चित्रसेन शाम के समय तालाब की ओर फूल तोड़ने गया था, लेकिन देर रात तक उसके घर नहीं लौटने पर परिवार को चिंता हुई।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जब ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की तो कुसम्ही तालाब के किनारे उसके चप्पल और कपड़े दिखाई दिए। ग्रामीणों को कुछ अनहोनी की आशंका हुई, जिसके बाद कुछ लोग तालाब के पास पहुंचे। वहां देखने पर तालाब के अंदर चित्रसेन की लाश तैरती हुई दिखाई दी। यह दृश्य देखकर ग्रामीणों के पैरों तले जमीन खिसक गई। तत्काल लोगों ने मिलकर शव को बाहर निकाला और घटना की सूचना ग्राम के समाजसेवी मनोहर पटेल के माध्यम से बरमकेला थाना पुलिस को दी गई।

सूचना मिलते ही बरमकेला थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम रात लगभग 8 बजे मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और प्रारंभिक जांच शुरू की। इसके बाद पंचनामा की कार्रवाई कर शव वाहन बुलाया गया। मृतक चित्रसेन चौहान के शव को बरमकेला के शासकीय अस्पताल भेजा गया, पोस्टमार्टम के लिए
ग्रामीणों के अनुसार, चित्रसेन चौहान का स्वभाव मिलनसार था और वह सभी के साथ अच्छा व्यवहार रखता था। उसकी अचानक हुई मृत्यु से पूरा गांव स्तब्ध है। संभवतः वह फिसलकर तालाब के गहरे हिस्से में चला गया, जिससे उसकी जान चली गई।
बरमकेला पुलिस ने घटना को आकस्मिक मृत्यु मानते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी। फिलहाल प्राथमिक तौर पर मामला डूबने से हुई मृत्यु का प्रतीत हो रहा है।
मृतक के परिवार में उसकी पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। पिता की असमय मृत्यु से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव के लोगों ने प्रशासन से परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। वहीं ग्राम खिचड़ी के कई ग्रामीणों ने मिलकर परिवार की मदद के लिए सहयोग राशि एकत्र करने की पहल की है।
गांव के जनप्रतिनिधि और समाजसेवियों ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया है। बरमकेला के सामाजिक कार्यकर्ता मनोहर पटेल ने बताया कि यह घटना अत्यंत दुखद है। उन्होंने कहा कि ऐसे हादसे से बचने के लिए ग्रामीणों को सावधानी बरतनी चाहिए, खासकर बरसाती तालाबों और गहरे जलाशयों के आसपास बच्चों और युवाओं को अकेले नहीं जाने देना चाहिए।

More Stories
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड रायगढ़ ने किया डॉ.मनीषा त्रिपाठी को सम्मानित
कमजोर प्रगति वाले जिलों की विशेष समीक्षा, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने ली वर्चुअल बैठक
डौंडी में अवैध शराब के खिलाफ जनआक्रोश, जनप्रतिनिधियों व महिलाओं ने थाना प्रभारी को सौंपा ज्ञापन