बालोद।
जिला प्रशासन बालोद के दूरदर्शी और सतत प्रयासों से जिले में पर्यटन विकास का एक नया अध्याय जुड़ गया है। गुरुर विकासखंड के नारागांव स्थित सियादेवी मंदिर परिसर के समीप बने मनोरम जलाशय पर इको-टूरिज्म आधारित एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर का भव्य शुभारम्भ किया गया। यह पहल न केवल प्राकृतिक सौंदर्य को पर्यटन से जोड़ने की दिशा में अहम कदम है, बल्कि स्थानीय रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगी।
इस नवस्थापित केंद्र में पर्यटक अब राफ्टिंग, कैंपिंग, बोनफायर, प्रकृति दर्शन के साथ-साथ छत्तीसगढ़ी स्थानीय व्यंजनों का आनंद उठा सकेंगे। हरियाली से घिरा जलाशय, शांत वातावरण और धार्मिक आस्था का केंद्र सियादेवी मंदिर—इन तीनों का संगम इस स्थल को एक आकर्षक पर्यटन डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करता है।
शुभारम्भ अवसर पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, सीईओ जिला पंचायत श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, श्री अजय किशोर लकरा, जनपद पंचायत गुरुर की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता संजय साहू, ग्राम पंचायत नारागांव के जनप्रतिनिधिगण सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं पर्यटक उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने इस अवसर पर कहा कि इको-टूरिज्म का उद्देश्य प्रकृति संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों को आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराना है। नारागांव का यह केंद्र आने वाले समय में बालोद जिले को पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा।
स्थानीय ग्रामीणों में इस पहल को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों का मानना है कि इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, युवाओं को पलायन से राहत मिलेगी और क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।
नारागांव का यह इको-टूरिज्म केंद्र अब आस्था, रोमांच और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक नया आकर्षण बनकर उभरा है, जो बालोद जिले की पर्यटन संभावनाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखता है।

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