February 5, 2026

धान उठाव में भारी लापरवाही से किसान बेहालकेंद्र बंद, भुगतान अटका, राइस मिलर्स की मनमानी से बढ़ी परेशानी

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बालोद / कुसुमकसा।
समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान के उठाव में घोर लापरवाही के चलते किसानों की परेशानी चरम पर पहुंच गई है। कुसुमकसा धान खरीदी केंद्र में डीओ कटने के बावजूद राइस मिलर्स द्वारा समय पर धान का उठाव नहीं किए जाने से केंद्र में अव्यवस्था की स्थिति बन गई। हालात इतने बिगड़े कि प्रशासन को एक दिन के लिए धान खरीदी बंद करनी पड़ी, जिससे किसानों में आक्रोश फैल गया।
जानकारी के अनुसार आदिम जाति सेवा सहकारी समिति कुसुमकसा के अंतर्गत संचालित धान खरीदी केंद्र में बड़ी मात्रा में धान का उठाव लंबित है। डीओ जारी होने के बाद भी राइस मिलर्स ने जिम्मेदारी नहीं निभाई, जिसके चलते खरीदा गया धान केंद्र में ही जाम हो गया। जगह की कमी के कारण नए किसानों का धान लेने में दिक्कतें आने लगीं और अंततः गुरुवार को एक दिन के लिए खरीदी बंद करनी पड़ी।
किसानों का कहना है कि धान बेचने के बाद भी उन्हें समय पर भुगतान नहीं मिल पा रहा है। टोकन की तारीख निकलने के बावजूद उठाव न होने से उन्हें बार-बार केंद्र के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई किसानों ने आरोप लगाया कि राइस मिलर्स की लापरवाही और प्रशासनिक ढिलाई का खामियाजा सीधे अन्नदाताओं को भुगतना पड़ रहा है।
जानकारी के मुताबिक 27 दिसंबर 2025 से 6 जनवरी 2026 के बीच हजारों क्विंटल धान की खरीदी हुई, लेकिन उठाव अपेक्षित गति से नहीं हो सका। वहीं अधिकारियों का कहना है कि उठाव में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं और राइस मिलर्स पर दबाव बनाया जा रहा है ताकि जल्द से जल्द धान का उठाव हो और किसानों को राहत मिल सके।
फिलहाल स्थिति यह है कि किसानों में असंतोष गहराता जा रहा है। धान उठाव और भुगतान की समस्या ने एक बार फिर सरकारी व्यवस्था और राइस मिलर्स की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।