February 5, 2026

मनरेगा के नाम और स्वरूप में बदलाव के विरोध में कांग्रेस का जिला स्तरीय धरना प्रदर्शन

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बालोद-अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार, जिला कांग्रेस कमेटी बालोद द्वारा मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा मनरेगा के नाम और उसके मूल स्वरूप में किए जा रहे बदलावों के खिलाफ आवाज उठाना था।
विरोध प्रदर्शन का दूसरा चरण
देशभर में चल रहे मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के अंतर्गत, कल आयोजित प्रेस वार्ता के बाद यह विरोध का दूसरा कार्यक्रम था। धरना स्थल पर उपस्थित कांग्रेसजनों और श्रमिक संगठनों ने मांग उठाई कि मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल किया जाए।
कांग्रेस नेताओं का केंद्र सरकार पर हमला
जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने कहा कि यह अभियान पंचायत स्तर से शुरू होकर 25 फरवरी तक राष्ट्रीय स्वरूप लेगा। कांग्रेस, श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी।
संजारी बालोद विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा ने प्रस्तावित बदलावों की आलोचना करते हुए कहा कि इससे मनमाने ढंग से मजदूरी तय की जाएगी, जिससे न्यूनतम मजदूरी की गारंटी खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गांव-गांव जाकर मनरेगा हितग्राहियों को जागरूक करेगी।
डौंडीलोहारा विधायक श्रीमती अनिला भेड़िया ने कहा कि 200 से अधिक अध्ययनों ने मनरेगा को देश की सबसे प्रभावशाली योजनाओं में से एक सिद्ध किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसमें बदलाव से बेरोजगारी बढ़ेगी और श्रम का शोषण होगा।
प्रमुख उपस्थिति और मांगें
कार्यक्रम को सोनादेवी देशलहरे और टी. साहू ने भी संबोधित किया। धरना प्रदर्शन में गुलाम मोईनुद्दीन, दाऊद खान, डामेश्वर देशमुख, सादिक अली, किशोर साहू, विमलेश साहू, राकेश उईके, जितेंद्र पटेल, ऐनु साहू, मुरलीधर भुआर्य सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
बालोद जिला समन्वयक श्रीमती सीमा वर्मा ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान मनरेगा ने देशभर में 4.6 करोड़ परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया था। उन्होंने काम की गारंटी, मजदूरी की गारंटी, जवाबदेही की गारंटी और मनरेगा में किए गए बदलावों की तत्काल वापसी को लेकर कांग्रेस की प्रतिबद्धता दोहराई।