बालोद, ।
माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला बसंत पंचमी पर्व जिले भर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के जिला सह मंत्री एवं पूर्व बजरंग दल जिला संयोजक उमेश कुमार सेन ने मां सरस्वती को नमन करते हुए कहा कि बसंत पंचमी केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि ज्ञान, ऊर्जा और नवजीवन का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती का अवतरण हुआ था, जिन्होंने सृष्टि में ज्ञान, संगीत और कला का प्रकाश फैलाया। यही कारण है कि इस दिन विद्यार्थी, शिक्षक एवं कलाकार विशेष रूप से मां सरस्वती की आराधना कर विद्या, विवेक और सफलता की कामना करते हैं।
उमेश कुमार सेन ने बताया कि बसंत पंचमी के साथ ही बसंत ऋतु का आगमन होता है, जब प्रकृति में नई चेतना का संचार होता है। खेतों में सरसों के पीले फूल लहराने लगते हैं और वातावरण में उल्लास व उमंग भर जाती है। इस दिन पीला रंग विशेष महत्व रखता है, जो आशा, प्रकाश और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
उन्होंने कहा—
“मां सरस्वती का आशीर्वाद ही सच्चा ज्ञान है। जो व्यक्ति विद्या और सत्य के मार्ग पर चलता है, वही जीवन में वास्तविक सफलता प्राप्त करता है।”
उन्होंने आगे कहा कि बसंत पंचमी का पर्व हमें यह संदेश देता है कि जैसे प्रकृति हर वर्ष नवीन रूप में खिल उठती है, वैसे ही हमें भी अपने जीवन में सकारात्मक सोच और नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
अंत में उमेश कुमार सेन ने समस्त नागरिकों को बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि मां सरस्वती सभी के जीवन में ज्ञान, शांति और समृद्धि का प्रकाश फैलाएं।

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