February 4, 2026

नाबालिग से दुष्कर्म मामले में बालोद जिला कोर्ट का कड़ा फैसला, आरोपी को 20 साल का सश्रम कारावास

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बालोद।
नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर मामले में बालोद जिला न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। संपूर्ण जांच के बाद 8 अक्टूबर 2024 को न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया था। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) बसंत कुमार देशमुख ने प्रभावी पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने आरोपी को कठोर सजा सुनाई।

एफ.टी.एस.सी. (पॉक्सो) के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कृष्ण कुमार सूर्यवंशी ने ग्राम नेवारीखुर्द निवासी आरोपी जागेश्वर मंडावी (21 वर्ष) को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को 6 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

प्रेम और विवाह का झांसा देकर किया शोषण

मामले में सामने आया कि वर्ष 2023 में आरोपी ने नाबालिग पीड़िता से बातचीत के दौरान प्रेम और विवाह का झांसा देकर उसे अपने घर बुलाया। इसके बाद नवंबर 2023 से आरोपी ने पीड़िता के साथ लगातार शारीरिक संबंध बनाए।

जनवरी 2024 में पीड़िता का मासिक धर्म बंद होने पर आरोपी ने डॉक्टर से जांच कराने की बात कही, लेकिन उचित इलाज नहीं कराया। बाद में अगस्त 2024 में पीड़िता ने एक बच्चे को जन्म दिया।

परिजनों की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला

घटना की जानकारी मिलने पर पीड़िता ने अपने माता-पिता को आपबीती बताई। इसके बाद 10 अगस्त 2024 को बालोद थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 376(2)(एन) एवं पॉक्सो अधिनियम की धारा 4, 5(ज)(2)/6 के तहत मामला दर्ज किया।

न्यायालय ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई है। यह फैसला नाबालिगों के खिलाफ अपराधों पर सख्त संदेश देने वाला माना जा रहा है।