February 5, 2026

राष्ट्रीय जंबूरी के समापन पर प्रशासन की बड़ी लापरवाही, उप मुख्यमंत्री को बनाया ‘मुख्यमंत्री’ — बालोद प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल

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बालोद। जिले में पाँच दिनों तक चले प्रथम राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी का आज भव्य समापन हुआ। इस आयोजन को लेकर जहाँ एक ओर जिला प्रशासन से लेकर राज्य सरकार तक लगातार सराहना करते नहीं थक रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आयोजन शुरू होने से पहले यह जंबूरी कई विवादों में भी घिरा रहा। कभी आयोजन की वैधता को लेकर सवाल उठे, तो कभी जंबूरी के राज्य अध्यक्ष को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच गया।

इन तमाम विवादों के बीच आज समापन समारोह में अलग–अलग राज्यों से आए रोवर–रेंजर प्रतिभागियों को उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम गरिमामय रहा और प्रतिभागियों का उत्साह भी देखने लायक था।

लेकिन इसी समापन समारोह के दिन बालोद जिला प्रशासन की एक गंभीर और शर्मनाक लापरवाही सामने आई। जिला प्रशासन द्वारा संचालित आधिकारिक सोशल मीडिया Facebook , Instagram पेज पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव को ‘मुख्यमंत्री’ बताकर पोस्ट किया गया, जो न केवल संवैधानिक पदों की जानकारी में भारी चूक है, बल्कि प्रशासनिक गैर-जिम्मेदारी को भी उजागर करता है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि—
क्या बालोद जिला प्रशासन को अब यह तक पता नहीं कि राज्य का मुख्यमंत्री कौन है और उप मुख्यमंत्री कौन?
क्या सोशल मीडिया जैसे संवेदनशील माध्यम पर पोस्ट करने से पहले किसी अधिकारी ने तथ्य जांचने की जरूरत नहीं समझी?

यह चूक केवल टाइपिंग मिस्टेक नहीं मानी जा सकती, बल्कि यह प्रशासनिक लापरवाही और लचर निगरानी व्यवस्था का सीधा उदाहरण है। सवाल उठता है कि इतनी बड़ी गलती के लिए जिम्मेदार अधिकारी कौन है, और क्या उस पर कोई कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी अन्य गलतियों की तरह दबा दिया जाएगा?

अब देखने वाली बात यह होगी कि जिला प्रशासन इस गंभीर चूक पर सफाई देता है या जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करता है, क्योंकि ऐसी भूलें न सिर्फ प्रशासन की छवि धूमिल करती हैं, बल्कि शासन की गरिमा पर भी सवाल खड़े करती हैं।