February 5, 2026

शहीद गैंदसिंह नायक जी की 201वीं शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि समारोह, मंत्री टंकराम वर्मा ने किया बलिदान को नमन

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बालोद। डौंडी विकासखंड के ग्राम नर्राटोला में शहीद शिरोमणि गैंदसिंह नायक की 201वीं शहादत दिवस के अवसर पर भव्य श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। यह आयोजन सामाजिक एकजुटता, सांस्कृतिक चेतना और राजनीतिक संदेश का प्रभावी मंच बना। अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज के तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम में देश के पाँच विभिन्न राज्यों से जनजातीय समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के राजस्व, आपदा प्रबंधन एवं शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने शहीद गैंदसिंह नायक के बलिदान और उनके नेतृत्व में वर्ष 1824-25 में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ हुए संघर्ष को स्मरण करते हुए कहा कि 1857 की क्रांति से पहले ही छत्तीसगढ़ के अरण्य क्षेत्रों में स्वतंत्रता की चिंगारी जल चुकी थी। गैंदसिंह नायक जैसे जननायकों ने आज़ादी के आंदोलन को दिशा देने का कार्य किया।

मंत्री वर्मा ने मंच से छत्तीसगढ़ी गीत भी प्रस्तुत किया, जिससे पूरा पंडाल तालियों की गूंज से भर उठा और वातावरण भावनात्मक हो गया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार जनजातीय समाज के संरक्षण, संवर्धन और सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। आदिवासी समाज की सादगी, मेहनतकश स्वभाव और स्वाभिमान को उन्होंने देश की अमूल्य विरासत बताया। साथ ही “कांकेर के गौरव” पुस्तक का विधिवत विमोचन कर शहीदों के इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

मीडिया से चर्चा के दौरान मंत्री वर्मा ने राजनीतिक विषयों पर भी खुलकर विचार रखे। उन्होंने कहा कि भाजपा एक लोकतांत्रिक पार्टी है, जहाँ एक सामान्य कार्यकर्ता भी शीर्ष नेतृत्व तक पहुँच सकता है। छत्तीसगढ़ के प्रभारी रह चुके नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से पार्टी और अधिक सशक्त होगी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंतराम पवार ने की। विशेष अतिथि के रूप में डोंडी लोहरा विधायक अनिला भेड़िया सहित समाज एवं प्रशासन से जुड़े कई गणमान्यजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में सामाजिक एकता, सांस्कृतिक संरक्षण के साथ शहीद गैंदसिंह नायक को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।