February 4, 2026

धान खरीदी में अव्यवस्था चरम पर: गेट में ताला, किसानों का हंगामा, पूर्व विधायक का ऐलान—“खरीदी नहीं तो पहरा यहीं”

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बालोद | गुरूर विकासखंड

धान खरीदी को लेकर प्रशासनिक लापरवाही एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। गुरूर विकासखंड के सनौद एवं अरकार धान खरीदी केंद्रों में उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब किसानों को एक दिन पहले धान लाने का निर्देश दिया गया, लेकिन केंद्र पहुंचने पर उन्हें ताले लगे गेट और बंद व्यवस्था का सामना करना पड़ा।

आक्रोशित किसानों ने कहा—

किसानों का गुस्सा उस वक्त और भड़क गया जब घंटों इंतजार के बावजूद खरीदी शुरू नहीं हुई। मजबूर होकर किसानों ने केंद्र परिसर में धरना देते हुए उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया।

इसी बीच जैसे ही मामले की जानकारी पूर्व विधायक भैया राम सिन्हा को मिली, वे तत्काल धान खरीदी केंद्र पहुंचे और मौके पर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रशासन पर सीधा हमला बोलते हुए कहा—

“शासन की लचर व्यवस्था साफ नजर आ रही है। किसानों का धान खरीदना ही पड़ेगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो केंद्र से एक भी बोरा धान बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। हम सभी यहीं पहरा देंगे।”

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गुरूर एसडीएम, तहसीलदार एवं डिप्टी कलेक्टर आर.के. सोनकर भी मौके पर पहुंचे, लेकिन अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद किसानों का आक्रोश कम नहीं हुआ। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि किसानों ने गुस्से में आकर दोनों सेवा सहकारी समितियों से जुड़े अधिकारियों को धान खरीदी केंद्र के भीतर ही रोक दिया।

वहीं, संभावित हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए धनेली धान खरीदी केंद्र में भारी पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष अब तक जिन किसानों का धान केंद्र के भीतर नहीं बिक पाया है, वे सभी अपने मेहनत और पसीने से उपजाए गए धान को ट्रैक्टरों में लादकर बड़ी संख्या में धनेली धान खरीदी केंद्र पहुंच चुके हैं।

धान खरीदी की इस अव्यवस्था ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब शासन किसानों से समय पर धान लाने का आदेश देता है, तो फिर खरीदी की जिम्मेदारी निभाने में प्रशासन क्यों विफल हो जाता है?
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन किसानों की मांगों पर तुरंत कार्रवाई करता है या फिर यह आंदोलन और व्यापक रूप लेता है।